कैसे इतना प्यार लिखूँ |
| कैसे कुछ शब्दों में प्रियतम, इतना सारा प्यार लिखूँ |
| सागर से नयनोँ पर अपना, यह सारा संसार लिखूँ |
| विगत वेदना लिखूँ प्रिये या, मधुर मिलन का सर लिखूँ |
| कैसे कुछ शब्दों में प्रियतम, इतना सारा प्यार लिखूँ |
| सांसों का थमना लिखदूँ या, धड़कन का ये ज्वार लिखूँ |
| स्वप्नों का अभिसार या, भावों का व्यापार लिखूँ |
| कम्पित अधरों भार लिखूँ या, अन्तर की हुंकार लिखूँ |
| कैसे कुछ शब्दों में प्रियतम, इतना सारा प्यार लिखूँ |
| कुंठित वाणी का हाल लिखूँ या विगलित तन का जार लिखूँ |
| इस मन का उस मन पर अरु उस मन का इस मन पर |
| अधिकार लिखूँ, मनुहार लिखूँ, संचार लिखूँ, संवाद लिखूँ |
| कैसे कुछ शब्दों में प्रियतम, इतना सारा प्यार लिखूँ |
| तप्त धरा की प्यास लिखूँ या, मेघों का मल्हार लिखूँ |
| गुमसुम वीणा के तार लिखूँ या, घुंघुरु की झंकार लिखूँ |
| उपवन का पतझार लिखूँ या, पसरी बसंत बहार लिखूँ |
| कैसे कुछ शब्दों में प्रियतम इतना सारा प्यार लिखूँ |
| विश्वास लिखूँ, अनुबंध लिखूँ, स्वीकार लिखूँ, गलहार लिखूँ |
क्रमश: ........

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