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| तुम्हारे प्यार से जिंदगी ने
पाया है |
| तुमने ही मुझे तूफानों से
लौटाया है |
| इतनी ही दुआ करते हैं प्रभु से
हम |
| जलता रहे ये प्रेम-दीप हमने जो
जलाया है |
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| अपनी नजरों की नजर को खबर ना
लगे |
| बिन तुम्हारे कुछ भी
अच्छा ना लगे |
| तुम्हे देखा है मैंने बस जिस
नजर से |
| इस नजर से तुम्हे कभी नजर न लगे |
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| मुझसे ज्यादा तुम्हे मालूम
कितनी प्यारी हो |
| सबसे जुदा दुनिया में ये रूहें
जो हमारी हैं |
| इनमें नाज़ुक सी ख़्वाहिशें पलती
है |
| ये जो अपनी अपनी है वो हमारी है |
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| जिंदगी की सभी अज़ीम घड़ियाँ
ये |
| मेरे हिस्से जो भी है सब
तुम्हारी है |
| तेरे हिस्से का दर्द मुझको मिल
जाए |
| जो भी ख़ुशियाँ है मेरी सब
तुम्हारी है |
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| अब तलक तो तुमने दिया ही दिया |
| अब तलक तो मैंने लिया ही लिया |
| मेरे हालात जब थे मुश्किल में |
| दुआ भेजी ओ गम पिया ही पिया |
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| तुमसे नन्ही सी एक गुजारिश है |
| मेरी नादानियों को मत देखो |
| उनके पीछे है मेरा प्यारा मन |
| चुन लो फूलों को शूल मत देखो |
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रामनारायण सोनी
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