*

*
*

Thursday, 14 February 2013

तुम्हारे प्‍यार से जिंदगी ने पाया है


तुम्हारे प्‍यार से जिंदगी ने पाया है
तुमने ही मुझे तूफानों से लौटाया है 
इतनी ही दुआ करते हैं प्रभु से हम
जलता रहे ये प्रेम-दीप हमने जो जलाया है 
अपनी नजरों की नजर को खबर ना लगे
बिन तुम्हारे कुछ भी अच्‍छा  ना लगे
तुम्हे देखा है मैंने बस जिस नजर से
इस नजर से तुम्हे कभी नजर न लगे
मुझसे ज्यादा तुम्हे मालूम कितनी प्यारी हो
सबसे जुदा दुनिया में ये रूहें जो हमारी हैं 
इनमें नाज़ुक सी ख़्वाहिशें पलती है
ये जो अपनी अपनी है वो हमारी है
जिंदगी की सभी अज़ीम घड़ियाँ ये 
मेरे हिस्से जो भी है सब तुम्हारी है
तेरे हिस्से का दर्द मुझको मिल जाए
जो भी ख़ुशियाँ है मेरी सब तुम्हारी है
अब तलक तो तुमने दिया ही दिया
अब तलक तो मैंने लिया ही लिया
मेरे हालात जब थे मुश्किल में
दुआ भेजी ओ गम पिया ही पिया
तुमसे नन्ही सी एक गुजारिश है
मेरी नादानियों को मत देखो
उनके पीछे है मेरा प्यारा मन
चुन लो फूलों को शूल मत देखो
रामनारायण सोनी
























14 फरवरी 2013

No comments:

Post a Comment

Blog Archive

About Me

My photo
खुले नयन से खुली दृष्टि से, खुले खुले मन के वातायन खुले हाथ से खुले द्वार जो संभव कर दे नया सृजन