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Monday, 29 May 2017

कवि जब उठ जागेगा


तुम अभिव्यक्त हुए उतने
जितनी मुखरित धानी है
रोक सका है कौन गंध को
पुष्पों की नादानी है

खोल किवारे अपने दिल के
और सँवारो मन के मनके
कवि तुम शक्ति लिए बैठे अन्तर में
शव भी बोल पड़े जब सुनके

कवि जब उठ जागेगा
पाषाण पिघल जावेगा
हुंकार सुनेगा यदि लोहा भी
खुद शोणित बन जावेगा

अपने भीतर के कवि को
तुम सदा जगाए रखना

Sunday, 21 May 2017

‍♀ याद का मस्तूल

    🚣‍♀ याद का मस्तूल 🚻

तुम्हारी याद का मस्तूल मुझे फिर ले चला मझधार
चलूँ क्यों सुधि सम्हाले मैं  माँझी फेंक दो पतवार
साहिल पर अभी भी चौकसी में तनी संगीन क्यूँ हैं
घिरे है सब तरफ तूफां ये फिर भी हौंसले क्यूँ हैं।

इन हाथों की लकीरों में तुम्हें हर रोज देखा है
उमड़ते बादलो पर भी तेरा ही अक्स देखा है
ठहरी साँस है फिर भी धड़कता दिल मेरा क्यूँ है
पलक मुँदती रही फिर सामने चेहरा तेरा क्यूँ है।

सिफर से इस सफर में ही तेरा विश्वास फलता है
सुआओं में तेरा साया सदा ही साथ चलता है
अकेला हूँ बियाबां में पर लगता साथ ही तू है
लगे मस्तूल यादों के सफर भर साथ ही तू है।

Friday, 19 May 2017

"माँ मेरा अभिनन्दन तू"

"माँ मेरा अभिनन्दन तू"

जीवन का पहला छोर तू ही
जीवन की पहली भोर तू ही
संसृति की सृजन विधाता तू
शीतल करुणा की छाया तू
            मेरी अर्चन - पूजन तू।
            माँ मेरा अभिनन्दन तू।।

प्रेम पला था तेरे उर में
तब जब मैं जन्मा ही न था
स्वप्न बुने थे तूने तब ही
तब जब मैं अपना ही न था
            मेरी अर्चन - पूजन तू
            माँ मेरा अभिनन्दन तू।।

मैं गूँगा था, बोल नहीं थे
रिश्तों का कोई बोध नहीं था
जग का पूरा शब्द कोष ही
प्रथम तुझी ने दिया मुझे था।।
            मेरी अर्चन - पूजन तू
            माँ मेरा अभिनन्दन तू।।

अस्थि चर्म और सारे वय में
तू ही अविरल यूँ बहती है
जैसे नभ के कण-कण में
रंजित पावन पवन रची है।
            मेरी अर्चन - पूजन तू
            माँ मेरा अभिनन्दन तू।।

मेरा अस्तित्व बनाने के हित
किये आचमन पीड़ा के पल
कैसे मोल चुकाऊँ इसका
नत होता है मस्तक पल-पल
            मेरी अर्चन - पूजन तू
            माँ मेरा अभिनन्दन तू।।

Monday, 17 April 2017

तुम्हे याद हो के न याद हो

तुम्हे याद हो के न याद हो

मेरी यादों की तरोताजा जमीन पर मौजू है
वो आँगन की लिजलिजी सी मिट्टी,
बनती कभी मरहम दिल का
वो फर्श पर पड़ी धूल पे ताजा पाँव के निशान,
करती बयाँ कि तुम यहीं कहीं हो
वो डायरी के कुछ फड़फड़ाते पन्ने
जिनमें इबारतें तेरे मेरे इश्क की ही हैं
वो रोशनदान से झाँकती मद्दम रोशनी में
अगरबत्ती का धुआँ बनाता नगरकोट
तुम्हे याद हो के न याद हो।।

वो पेशानी पर पड़ी चंद सिलवटें
चूमती गुनगुनी बदन की झुरझुरी
वो शबनमी आखें बोझल पलकों में दबीं
कहती, सुनती, लरजती कुछ कुछ
वो खिड़की पर टिका अनमना खामोश चेहरा
वो इन्तज़ार करती उल्टी भीगी छतरी
फुहारों की फुनगी लगाए खड़ी
वो शाम के धुँधलके से उभरता अक्स
गली पर, मोड़ पर, साँस के दौर पर
दबे पाँव कोई सहमता, गुजरता जाता
तुम्हें याद हो के न याद हो।।

मेरी यादों की तरोताजा जमीन पर मौजू है
तुम्हें याद हो के न याद हो।।

Sunday, 5 February 2017

एक गुजराती गीत








https://www.youtube.com/watch?v=rqfYxAANwDY
एक गुजराती गीत

🌾🌺 ऋतुराज आया है 🌳🎄

🌾🌺 ऋतुराज आया है 🌳🎄

जागा मधुमास मधुर मन के अरण्य में
किसलय-कलिकाएँ बनती अनल बीज।
दग्ध हुआ शिशिर का वह सघन शीत
ले आया रसवन्ती रसधारा भी सरसिज।।

पगलाया पवन भी ले कर के गन्ध-भार
गदराई अमराई भरती सी मदमत्त धार।
आँगन में उपवन में वीथिन में कुंजन में
बिखरी मधुरस की रसना रसमय अपार।।

शैल बने कनक-श्रृंग स्वर्णिम सी ऊषा में 
पहन लिये पीत वसन अमलतास, सरसों ने ।
ढाँप लिया अग-जग को फूलों की चूनर ने 
फैलाई अगरु गंध जन-जीवन में ऋतुपति ने।।

नव पल्लव नवल लता ले कर के नव विहान
गुंफित अवगुंठित हो रचते सब नव वितान।
अलियों के वृंद-वृंद करते मिल वृन्दगान
मधुपरियाँ जी भर कर करती मकरन्द पान।।

निवेदक
रामनारायण सोनी

🍫"सिरहाने से"🍢

नज़्म :-


"सिरहाने से"

तकिया सिरहाने का
सुनता भी है, कुछ कहता भी है

जो पी चुका है
अनगिनत खारे आँसू
गवाह है मेरे उन 
जागते हुए देखे सपनों का
सोते हुए जागे सपनों का
छत को अपलक निहारती 
पथराई, अलसती आँखों का
याद आती है मुझे कभी
सिरहाना बनी बाहों की
तकिया, धुले हुए काजल को
सहेजा जिसने बड़े जतन से
      तकिया सिरहाने का
      सुनता भी है, कुछ कहता भी है


थपकी देती हूँ इसे
जैसे यह तुम हो
छुअन देती हूँ इसे
जैसे यह तुम ही हो
प्यार का मीठा पैगाम
जैसे तुम तक पहुँचेगा ही
इसके कानों में फुस फुसा कर
कह जाती हूँ कुछ
जैसे सुन लोगे अभी तुम
फिर कहता है हौले से
बाहें वे लौटेंगी जैसे ही
दूर कहीं चला जाऊँगा
      तकिया सिरहाने का
      सुनता भी है, कुछ कहता भी है

शकुन्तला सोनी
(रामनारायण सोनी)

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