१
एक और शाम हो गई
एक और दिन ढल गया
इस जिन्दगी की किताब से
एक और पन्न्ना फट गया
२
एक और शाम हो गई
एक और दिन ढल गया
इस जिन्दगी की किताब में
एक और पन्न्ना जुड़ गया
३
एक और शाम आ गई
एक और दिन सँवर गया
इस जिन्दगी की किताब का
एक और पन्ना निखर गया
४
एक शाम आज आई है
एक और दौर चल गया
ग़मों की इस किताब से
एक जाम फिर फिसल गया
५
एक शाम है धुआँ धुआँ
गगन पहन के गेरूआँ
इस जिंदगी की गोद में
है कँप रहा रुआँ रुआँ
६
एक और शाम हो गई
एक और दिन ढल गया
इस जिन्दगी की किताब को
किसी ने हौले से छुआ
एक और शाम हो गई
एक और दिन ढल गया
इस जिन्दगी की किताब से
एक और पन्न्ना फट गया
२
एक और शाम हो गई
एक और दिन ढल गया
इस जिन्दगी की किताब में
एक और पन्न्ना जुड़ गया
३
एक और शाम आ गई
एक और दिन सँवर गया
इस जिन्दगी की किताब का
एक और पन्ना निखर गया
४
एक शाम आज आई है
एक और दौर चल गया
ग़मों की इस किताब से
एक जाम फिर फिसल गया
५
एक शाम है धुआँ धुआँ
गगन पहन के गेरूआँ
इस जिंदगी की गोद में
है कँप रहा रुआँ रुआँ
६
एक और शाम हो गई
एक और दिन ढल गया
इस जिन्दगी की किताब को
किसी ने हौले से छुआ

No comments:
Post a Comment