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Friday, 24 September 2021

मुक्तक

शब्द नही अहसास लिखो
कहीं दूर नही आसपास लिखो
आईने मे कोई बसा नही 
बस बिम्बों का अहसास लिखो

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खुले नयन से खुली दृष्टि से, खुले खुले मन के वातायन खुले हाथ से खुले द्वार जो संभव कर दे नया सृजन