पास होते
... अगर तुम
तो देख पाते
कैसे टूटता हूँ
हर रात और
फर्श पर बिखरी
पड़ी वे उम्मीदें
सुन पाते प्रतिध्वनियाँ
उन रुँधी - रुँधी
खामोशियों की
ले पाते खुशबू
हृदय-पुष्प की
बिखरी इन पंखुड़ियों की
पास होते
... अगर तुम
... अगर तुम
तो देख पाते
कैसे टूटता हूँ
हर रात और
फर्श पर बिखरी
पड़ी वे उम्मीदें
सुन पाते प्रतिध्वनियाँ
उन रुँधी - रुँधी
खामोशियों की
ले पाते खुशबू
हृदय-पुष्प की
बिखरी इन पंखुड़ियों की
पास होते
... अगर तुम

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