एक दिन
जिन्दगी ने कहा मुझ से
खामोश मैं बस सुनता रहा
बोली, कभी आसमान तकते हो
कभी चकाचौंध
जिन्दगी ने कहा मुझ से
खामोश मैं बस सुनता रहा
बोली, कभी आसमान तकते हो
कभी चकाचौंध
मैं गुजरती रही,
तुम बस दौड़ते रहे, बेतहाशा
तुम्हें फुर्सत नही मिली
मिलने की मुझ से
इतनी सी हसरत में
कब से फैलाए खड़ी हूँ बाहें
बैठ लो दो घड़ी गोद में
पता नहीं
कल हो न हो
कल हो न हो

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