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Monday, 1 January 2018

हाईकू

नवल नूपुर
स्वरित रुनझुन
भाल भूषित

कुटिल कुंतल
नील नीरज
ललित लोचन

रुचिर रंजित
कोर काजल
धरित धनुही

शर शुशोभित
लक्ष लक्षित
भौंह श्यामल

अधर अरुण
रसित रसना
स्वर सुधामय

पीयूष परिमल
लसित हाला
अलस आनन

चिबुक चुंबित
चारु चंचल
कनक कुण्डल

कलश कंठी
उल्लसित उर
कर सुकोमल

भ्रमित भ्रमर
वलय वेणी
मलय मंडित

भाव भावित
सिक्त नेहिल
मन मनोरम

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खुले नयन से खुली दृष्टि से, खुले खुले मन के वातायन खुले हाथ से खुले द्वार जो संभव कर दे नया सृजन