पंख बदलने से
आकाश नही बदलता
सूरज भी तो वही है
जहाज बदलने से
सागर नहीं बदलता
जल भी तो वही है
सूरत बदलने से
सीरत नही बदलती
आदमी तो वही है
शरीर बदलने से
चोला बदलता है
आत्मा तो वही है
*
*
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About Me
- रामनारायण सोनी
- खुले नयन से खुली दृष्टि से, खुले खुले मन के वातायन खुले हाथ से खुले द्वार जो संभव कर दे नया सृजन
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