जवाब के सवाल
मीत मेरे!
मैनें मना लिया, जब भी तुम रूठे
मैं रूठा, अब मनाएगा कौन
वक्त की दरार को भरेगा कौन,
तूफान में घिरी है कश्ती
साहिल पर लगाएगा कौन,
सवाल के जवाब हजारों हैं
पर पल पल चुभते जवाबों के
सवालों को बुझाएगा कौन,
पतझार तो हर बरस होगा
पर मधुमास लौटाएगा कौन
सपनीली यादों का अक्स लिए
फूल जो किताब में सूख गया
खुशबू अब लौटाएगा कौन
पथराए नयन राहों को देख देख
अंबर में फैल रही बाहों को
गलबहियाँ बनाएगा कौन,
अपने इन सवालों के शोर से
बाहर अब लाएगा कौन
मैनें मना लिया, जब भी तुम रूठे
मैं रूठा अब मनाएगा कौन
मीत मेरे!
मैनें मना लिया, जब भी तुम रूठे
मैं रूठा, अब मनाएगा कौन
वक्त की दरार को भरेगा कौन,
तूफान में घिरी है कश्ती
साहिल पर लगाएगा कौन,
सवाल के जवाब हजारों हैं
पर पल पल चुभते जवाबों के
सवालों को बुझाएगा कौन,
पतझार तो हर बरस होगा
पर मधुमास लौटाएगा कौन
सपनीली यादों का अक्स लिए
फूल जो किताब में सूख गया
खुशबू अब लौटाएगा कौन
पथराए नयन राहों को देख देख
अंबर में फैल रही बाहों को
गलबहियाँ बनाएगा कौन,
अपने इन सवालों के शोर से
बाहर अब लाएगा कौन
मैनें मना लिया, जब भी तुम रूठे
मैं रूठा अब मनाएगा कौन

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