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Friday, 11 May 2018

जिन्दगी के रंग कई रे!


नौ रंगों से है रंगी यह जिन्दगी।
करम-धरम आचार मय है बन्दगी।।

श्वेत तो उस सत्य का संधान है।
रक्त ऊर्जा की परम पहचान है।।

बैंगनी के पार तीखी मार है।
श्याम रंग तो दु:ख की भरमार है।।

नील वर्णी शान्ति की आभा अमर।
रंग पीला है उदासी की खबर।।

आसमानी वृहद अपनी गोद फैलाए खड़ा।।
हो सहिष्णु सर्वहारा भाईचारा ले बड़ा।।

रंग केशरिया उछाह उत्सर्ग है।
जिन्दगी अविराम बहते सर्ग है।।

इस धरा का रंग हरित पारिधान है।
त्याग, आर्जव, दम, शील महान है।।

रंग हर कोई नियति का मान है।
धर्म की सद् राह हो यह आन है।।

जिन्दगी इन सब रंगों की मेल है।
ईश का वरदान और नसीबा खेल है।।

https://www.facebook.com/Steererss/videos/436411823485912/



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खुले नयन से खुली दृष्टि से, खुले खुले मन के वातायन खुले हाथ से खुले द्वार जो संभव कर दे नया सृजन