मुट्ठी में रंग भरो
उछालो आकाश में
उछालो आकाश में
देख लो खुले दृगों से
पूरा आकाश तुम्हारा
भर गया चटख रंगों से
बैठे क्यों हो बँधे बँधे
बिखरो उन्मुक्त हो कर
निखरो बिखर कर
रंगोलियाँ नहीं है
कटोरियों में
बिखरो उन्मुक्त हो कर
निखरो बिखर कर
रंगोलियाँ नहीं है
कटोरियों में

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