डायरी का
वह पृष्ठ क्या खुला
वह पृष्ठ क्या खुला
कि जिस पर
लिखा था नाम
सिर्फ तेरा ही तेरा
लिखा था नाम
सिर्फ तेरा ही तेरा
बिखर गये मौसम में
जिन्दगी के उजास,
सपनों के रंग,
महकी है जुही
चम्पा के संग
और तरबतर मेरा मन
सपनों के रंग,
महकी है जुही
चम्पा के संग
और तरबतर मेरा मन

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