*

*
*

Thursday, 4 March 2021

जोगन

पद्म का 
यह मौन
और पद्मासन
जैसे तुम!

तुम योगी हो गये हो और...
..और
मैं जोगन

        रामनारायण सोनी
२.३.२१

No comments:

Post a Comment

Blog Archive

About Me

My photo
खुले नयन से खुली दृष्टि से, खुले खुले मन के वातायन खुले हाथ से खुले द्वार जो संभव कर दे नया सृजन