छुप्पा-छुप्पी
आओ चलें
छुप्पा-छुप्पी खेलें
मैं अपनी आँखें
अपने हाथों से छुपा लेता हूँ
तुम मुझे पीछे से चपत लगा कर
फिर से कहीं छुप जाओ
चलो वह मासूम सा बचपन
फिर ढूँढ लाएँ
फिर बनें हम संगतराश
चिकनी गीली माटी के
गुड्डे गुड़िया बनाएँ
उन लम्हों में सुनहरे बर्क लगाएँ

No comments:
Post a Comment